अन्तयेष्ठी संस्कार Cremation (Final rites to Human Body)

This takes roughly 45 minutes to 1 hour.

Required list of Items

  • Aahuti Dravya and Wooden Chips आहुति द्रव्य एवं समिधा काष्ठ

  • Jav (Barley) ½ lb., Tal or Til (Sesame Seeds – Black) ½ lb. जव, श्याम तिल

  • 2 Lamps with Cotton socked in ghee घी वाले दो दिये

  • Incense sticks, Camphor, Match Box अगरबत्ती, कर्पुर, दियासली का पेकेट

  • Ghee (Liquid) 3 to 4 lb., Water, Gangajal  घी, शुद्ध जल, गङ्गाजल

  • Darbh, Tulsi leaves, loose flowers दर्भ्, तुलसि पत्र, पुष्प

  • Chandan powder, Kumkum, Rice चन्दन, कुमकुम, अक्षत

  • Cotton thread, Janoi सुतर, जनोइ

  • Pind (6) from Rice or wheat flour (६) पिण्ड चावल या गेहुं आटा से

  • (1) Coconuts, Copper or Clay Kalash (१) नारिकेल, ताम्र कलश

  • (3 sets) of Steel Dish, Bowl and Spoon (३) थाली, चम्मच एवं कटोरी

  • Cloth Or Paper Napkins गमछा अथवा कपडा हाथ पोंछने के वास्ते

 

अक्षत या गेहुं आटा से ६ पिण्ड बनावे. आटे मे दुध, मधु, शर्करा, हल्दी, चन्दन, पुष्प, तिल, जव आदि मिश्रित कर सकते है. 

गोमय एवं गौमुत्र वैकल्पिक है एवं यदि शक्य है तो ही ला सकते है.

 

मृत्यु पूर्व अन्तिम क्षणो में मनुष्य के मुख मे शालिग्राम का चरण-अमृत, गङ्गाजल, तुलसि पत्र का पान करावे. तत्पश्चात चन्दन से भाल पर तिलक करे. सतत इश्वर् स्मरण करे. मृत्य समये  अन्तिम क्षणो मे विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र एवं नारायणकवच स्तोत्र या “श्री कृष्ण शरणं मम”, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”, “ॐ त्रयंबकं यजामहे” महा मृत्युञ्जय मन्त्र अथवा इष्टदेव जप एवं स्मरण करे. 

 

मृत्यु पश्चात सर्व प्रथम गोमुत्र से भूमि पर छीडकने के पश्चात भूमि पर मृतदेह को गोमय के स्तर पर स्थापित करे. गोमय के स्तर पर श्याम तिल धान्य छीडके, तत् पश्चात तुलसि पत्र एवं दर्भ् कि शय्या पर मृतदेह का शीर्ष उत्तर दिशा मे लगाकर लेटावे. समीप श्वेत् आसन पर शालिग्राम (पुन्गीफ़ल्) चन्दन तिलक लगाकर स्थापित करे. समीप मे एक अखण्ड् दीप जलावे एवं उसको मृतक के स्मशान यात्रा पूर्ण होने तक जलने दे अथवा संयोगवशात स्मशान यात्रा आरम्भ पूर्व उसको जल मे विसर्जित कर दे अथवा भूमि मे गाड दे.

 

Dakshina Charges/Suggested donation for Cremation Rituals is $251.00

Dakshina that you pay to Vedic Samskaar (Shukla ji) for Funeral & other Shraaddh rituals, will go to charity for education to poor kids in India.